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Wednesday, November 2, 2011

PARIVARTAN POEM (by a Parivartan member)


जीवन तो हॅ एक परिवर्तन्,
परिवर्तन ही तो हॅ जीवन ,
इस पल हॅ खुशियां तो,
उस पल हॅ गम,
जिंदगी की राह पर कभी मायुस ना होना,
टुट जाए जब कोई सपना सलोना,
गम मे कभी खुद को न खोना ,
हारकर कभी तुम् न रोना,
तुम्हे तो हॅ अभी पाना सारा जमाना.
करने पडते हॅ ऍसे फॅसले भी
जो खिलाफ हो तुम्हारी मर्जी के.
जिंदगी हर पल एक नया मोड लेती हॅ ,
हर मोड हमें एक नया सबक देती हॅ.
किसी मोड पर आकर ,
तुम कही रुक न जाना.
हालात सिखा देते हॅ हमे,
उसी रुप मे खुद् को बद्लना.
इस बदलाव को देखकर ,
कहीं तुम रुख् न बदलना,
तुम्हें तो हॅ मंजिल तक पहुंचना.
 जीवन तो हॅ एक परिवर्तन्,

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